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Updated Fri, 14 May 2021 11:35 PM

आइसोलेशन वार्ड से वेंटीलेटर चोरी करने की कोशिश, बरामदे में छोड़कर चोर भागा

संवाद सहयोगी, तिर्वा : राजकीय मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड से चोर ने पीपीई किट पहनकर वेंटीलेटर चोरी करने की कोशिश की। आधी रात को कार्यालय में कागज लेने गए स्टोर कीपर ने उसे देख लिया। टोकने पर चोर बरामदे में वेंटीलेटर छोड़कर भाग गया। पीछा करने की कोशिश की, लेकिन चोर हाथ नहीं लगा। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। बुधवार रात 11.30 बजे पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में पीछे के गेट की कुंडी तोड़कर चोर अंदर घुस गया। चोर पीपीई किट पहने था। इससे वार्ड में मौजूद किसी मरीज व तीमारदार ने विरोध भी नहीं किया। उसने वेंटीलेटर को बेड से खोल लिया और सीएमएस कार्यालय के जीने से नीचे उतारने के लिए जैसे ही पहुंचा तो वहां पर कार्यालय में मौजूद स्टोर कीपर अभिषेक यादव ने टोक दिया। स्टोर कीपर रात में ऑक्सीजन की डिमांड के लिए लेटर बनाने के लिए कार्यालय गए थे। बाहर निकलते ही उनकी नजर पीपीई किट पहने युवक पर पड़ गई। इस पर उन्होंने उसे आवाज दी। स्टोर कीपर को देख आरोपित वेंटीलेटर को वहीं पर छोड़कर इमरजेंसी के दूसरे रास्ते से फरार हो गया। स्टोर कीपर ने पीछा किया, लेकिन चोर को नहीं पकड़ सके। वेंटीलेटर को रात में ही वापस आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। इसकी जानकारी सीएमएस व आइसोलेशन वार्ड इंचार्ज को दी गई। गुरुवार सुबह आइसोलेशन वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे गए। इसमें आरोपित पीछे के गेट से आइसोलेशन में पीपीकिट पहने घुसते हुए दिखाई दे रहा है। वह चोरी करने से पहले नर्सिग स्टॉफ व डॉक्टरों के रुम में गया। सीसीटीवी कैमरे में चेहरा स्पष्ट न होने की वजह से उसकी पहचान नहीं हो सकी। आइसोलेशन वार्ड के कर्मचारियों के मुताबिक जिस रंग की पीपीई किट आरोपित पहने है, वह मेडिकल कॉलेज में नहीं है। वहीं बाहर की पीपीई किट है। दोपहर में वही पीपीई किट ओपीडी के पास पड़ी मिली।

मेडिकल कॉलेज में गंदगी, मरीजों को हो रही परेशानी

राजकीय मेडिकल कॉलेज में सफाई कर्मचारी, सिक्योरिटी गार्ड व मरीजों की देखरेख के लिए वार्ड ब्वाय की तैनाती आउटसोर्सिग से है। करीब 290 कर्मचारी लगे हैं। इसके बावजूद भी मरीजों की केयर व सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं है। आइसोलेशन वार्ड में रोजाना सफाई न होने से बेड के नीचे पूर्व में भर्ती मरीजों का कचरा जमा है। मरीजों के इस्तेमाल किए हुए मास्क, दवाओं के रैपर, खाना-पानी के पॉलीथिन पड़े हैं। नए मरीजों को काफी दिक्कतें होती हैं। दुर्गध उड़ने से मरीज परेशान रहते। शिकायत करने के बाद भी सफाई कर्मचारी नहीं सुनते हैं। इससे कुछ मरीजों ने गंदगी का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर वायरल किया। वीडियो में गंदगी के ढ़ेर बेड के आसपास व इज्जतघरों में बहुत ही ज्यादा गंदगी पसरी है। सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारी बढ़ा दिए गए हैं। साथ ही लापरवाही करने वाले कर्मचारियों को वहां से हटा दिया गया है। आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी करने से कर्मचारी कतराते रहते हैं। इससे दिक्कतें बनी हुई है।

रिश्वत लेने वाला दारोगा निलंबित

संवाद सहयोगी, छिबरामऊ: महिला से रिश्वत मांगने वाले दारोगा को निलंबित कर दिया गया है। वहीं मामले की जांच सीओ तिर्वा को दी गई। वह मुकदमा खत्म करने के एवज में 50 हजार रुपये मांग रहे थे। इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामले में कार्रवाई की गई है। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर जनू निवासी धनजय सिंह ने कानपुर आइजी से शिकायत की थी। इसके मुताबिक बतया कि आरोपित सड़क पर अवैध कब्जा कर रहे थे। इसको लेकर कोतवाली में शिकायत की थी। आरोप है कि पुलिस ने पिता, दोनों भाइयों और चाचा को ही हिरासत में ले लिया था। मुकदमा दर्ज कर दिया। वहीं चौकी प्रभारी रामबदन बर्नवाल ने अवैध निर्माण को पूरा करवा दिया। जब वह कोतवाली पहुंचे तो कोतवाली प्रभारी ने छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की। उसने पैसे देकर स्वजन की जमानत करवाई। आरोप है चौकी प्रभारी रामबदन ने मुकदमा खत्म करने के एवज में फिर से रिश्वत मांगी। बुआ नीलम थाने पर गईं तो दारोगा ने रिश्वत मांगी, बोला कि जो तुमने पैसे दिए थे वो कोतवाली प्रभारी ने ले लिए। मुझे क्या मिला। इस पर उसके चाचा श्यामवीर ने दारोगा को 10 हजार रुपये दिए। जिसका वीडियो उसकी बुआ ने बना लिया। यह वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह रकम लेते हुए दिखाई दे रहा है।